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भारतीय संविधान के तहत भाग 07 अनुच्छेद 138

13 Aug 2025 | Ful Verma | 102 views

भारत का संविधान भाग 7

भारतीय संविधान के तहत भाग 07 अनुच्छेद 138


भारत के संविधान का भाग 7, जिसे "पहली अनुसूची के भाग B के राज्य" के रूप में जाना जाता था, संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 द्वारा निरस्त कर दिया गया है. यह भाग, जिसमें केवल अनुच्छेद 238 शामिल था, अब अस्तित्व में नहीं है. 

विस्तृत व्याख्या:

संविधान का भाग 7, 1956 से पहले, भारत में "भाग B के राज्य" के रूप में संदर्भित क्षेत्रों से संबंधित था. ये राज्य वे थे जो पहले रियासतों का हिस्सा थे और जिन्हें भारतीय संघ में शामिल किया गया था. भाग 7, इन राज्यों के प्रशासन और उनके राज्यपालों की भूमिका को संबोधित करता था. 

निरसन का कारण:

1956 में, भारत सरकार ने राज्यों के पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया. इस पुनर्गठन के परिणामस्वरूप, भाग B के राज्यों की अवधारणा अप्रचलित हो गई और भाग 7 को निरस्त कर दिया गया. 

आज का महत्व:

हालांकि भाग 7 अब मौजूद नहीं है, यह भारतीय संविधान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण को दर्शाता है. यह बताता है कि कैसे भारत ने अपनी स्वतंत्रता के बाद रियासतों को एकीकृत किया और राज्यों के पुनर्गठन के माध्यम से एक एकीकृत राष्ट्र का निर्माण किया. 

संक्षेप में:

भाग 7, संविधान का एक भाग था जो "भाग B के राज्यों" से संबंधित था, जिसे 1956 में निरस्त कर दिया गया था. यह भारतीय संविधान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय था, जो भारत के एकीकरण और राज्यों के पुनर्गठन की प्रक्रिया को दर्शाता है.